Sunday, September 22, 2024

HURDLES OF LIFE / JEEVAN KI BAADHAEN [IN HINDI}

                                             HURDLES OF LIFE


                          जीवन की बाधाएँ 


जीवन / ज़िन्दगी आपको हमेशा मौका देती है आगे बढ़ने का , कुछ लोग निरंतर इस मौके की तलाश में रहते हैं और जब भी जीवन में कुछ नया करने का या नया सीखने का मौका मिलता है तो जागरुक लोग उस बेहतर अवसर को हाथ से जाने नहीं देते। 

कभी - कभी ऐसा भी होता है कि लोगों को अवसर तो मिल जाता है लेकिन कुछ जीवन में मुश्किलें भी साथ आ जाती हैं जिनको हम कहते हैं :-  "HURDLES OF LIFE " या "जीवन की बाधाएँ" 


HURDLES OF LIFE / जीवन की बाधाएँ अलग - अलग तरह की होती है जो जीवन में अपना विपरीत असर दिखाती हैं। 


          "HEALTH HURDLES :- स्वास्थ्य सम्बन्धी बाधाएँ " 


माना जाता है कि अगर धन गया तो वापिस आ सकता है लेकिन तन गया तो इसकी भरपाई करना बहुत मुश्किल हो जाता है। जब भी जीवन में HEALTH या स्वास्थ्य सम्बन्धी बाधायें आएँ तो बहुत जरुरी है इन पर पूरा ध्यान दिया जाए। 


         "FINANCE HURDLES / धन सम्बन्धी बाधाएं " 


ज़िन्दगी में कुछ भी मुफ्त नहीं मिलता। रोटी कपड़ा और मकान यह तीन चीजें बहुत जरुरी है किसी भी इंसान के लिये। अगर यह कहा जाए कि रोटी , कपड़ा और मकान आधार है जीवन के तो अतिशयोक्ति नहीं होगा। जीवन में FINANCE HURDLES / धन सम्बन्धी बाधाएँ किसी भी व्यक्ति को निराश और भयभीत कर सकती है। 


      "BUSINESS HURDLES / व्यापार सम्बन्धी बाधाएँ " 


LIFE में इन्सान बहुत कुछ करता है अपना परिवार और अपना जीवन सवांरने के लिये। कुछ लोग नौकरी करते हैं और कुछ लोग अपनी योग्यता अनुसार BUSINESS करना पसंद करते हैं पर BUSINESS / व्यापार आसान नहीं होता इसके साथ लाइफ में बहुत से HURDLES / बाधाएँ भी आती हैं जिनको बहुत धैर्य से संभालना पड़ता है। 


     "FAMILY HURDLES / पारिवारिक सम्बन्धी बाधाएँ " 


FAMILY / परिवार वो है जहाँ इन्सान खुद को SECURE / सुरक्षित समझता है। कोई भी इंसान हो , किसी भी देश , जाति का हो , उसके लिये अपना परिवार जिसमें माता - पिता और बच्चे , पति - पत्नि सब एक - दूसरे का ख्याल रखते हैं , बहुत जरुरी होते हैं। अगर FAMILY / पारिवारिक सम्बन्धी बाधाएँ आ जाती हैं तो बहुत परेशानी होती है। 


निष्कर्ष :--- जीवन एक यात्रा है। इसमें सुख - दुःख दोनों होते ही हैं। आप यह नहीं कह सकते कि हमारे जीवन में कभी कोई HURDLES / बाधाएँ नहीं आयेंगी। जीवन को जागरूक रहकर जियें। 

हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि अगर HURDLES / बाधाएँ आती हैं तो उसका सामना करने के लिये सबसे पहले FINANCIALLY / धन आपके पास जरूर हो क्यूँकि थोड़ा बहुत धन - संचय करना आपको हर HURDLES से SAFE / सुरक्षित रखता है।


Tuesday, September 17, 2024

QUALITIES OF A LEADER / MUKHIYA /NETA KE GUN {IN HINDI}

                                                         QUALITIES OF A LEADER 

 

                                                               मुखिया या नेता के गुण  

 

 

                     लीडर वही व्यक्ति बन सकता है जिसमें कुछ स्पेशल QUALITIES या गुण हो।  

 

एक लीडर वो होता है जो रास्ता जानता है , रास्ते पर स्वयं भी निर्भीक होकर चलता है और दूसरों को भी सही रास्ता दिखलाता है। 

                  अक्सर लोग पूछते हैं कि अच्छे LEADER / HEAD की पहचान कैसे करें ? 

 

                          "QUALITIES OF A LEADER" / " मुखिया / नेता के गुण " 

 

मेहनती / HARDWORKING :- जो व्यक्ति लीडर कहलाने का जज्बा रखता है वो अक्सर जुझारु प्रवर्ति का

                                                    होता है। जिस भी काम को हाथ में लेता है उस काम को अपना पूरा समय 

                                                    और मेहनत देता है आप कह सकते है कि वाकई यह इंसान मेहनती / 

                                                     हार्डवार्किंग है।    

 

समाज के लिए जागरुकता :--   जो इन्सान LEADER बनता है अक्सर देखा गया है कि वो  साधन-सम्पन 

       AWARENESS :--              चाहे ना हो पर  समाज़ के प्रति उसमें AWARENESS / जागरुकता होती है। 

                                                   समाज हो या कोई भी संस्था हो या फिर अपना परिवार , मुखिया हर जगह 

                                                   अपना BEST देना जानता है। समाज़ में हर बुराई को दूर करना और 

                                                    अपने देश ,समाज के साथ निष्पक्ष रहकर निर्णय करना ही उसकी पहल 

                                                    होती है। 


         स्पष्ट-वक्ता :---                   मुद्दा यानि बात / विषय चाहे कितना भी गंभीर क्यों ना हो उसकी बात 

     OUTSPOKEN:-                    कहने की एक ओज / स्पष्टता होती है। जवलंत विषयों पर

                                                  अपना निर्णय स्पष्ट शब्दों में तर्कपूर्ण रखता है साथ ही औरों से भी अपना 

                                                  पक्ष रखने को कहता है अगर किसी बात से कोई सहमत ना हो तो उसके 

                                                  संशयों को CLEAR करता है और बिना डरे , बिना किसी के प्रभाव में 

                                                  आए अपनी राय स्पष्ट रूप से देता है। 


PERFECTIONIST :--           LEADER को हम PERFECTIONIST कह सकतें हैं क्यूँकि बिना 

पूर्णतावादी :--                          KNOWLEDGE , SKILL , PERFECT DECISION , WITHOUT FEAR

                                                कोई भी , किसी भी FIELD में आगे नहीं बढ़ सकता। 

                                               हर क्षेत्र में LEADER की COMMAND रहती है चाहे पारिवारिक मुद्दे हों 

                                               जिसमें बचत , FINANCE , SAFETY की बात हो , PARENTING की बात 

                                              हो , कोई भी PROBLEM हो वो अपना BEST ही देने की कोशिश करता है। 

                                              समाज में चाहे SOCIAL MATTER हो , या फिर POLITICAL उसे हर 

                                             जगह अपना BEST ही  देना है। LEADER बनने के लिए जिस हौसले की 

                                              जरुरत होती है वो तभी आता है जब कोई व्यक्ति सबसे पहले अपनी क्षमता 

                                            को विकसित कर लेता है और इस बात को भी समझ लेता है कि अगर 

                                           LEADER बनना है तो अपनी ऊर्जा भी बढ़ानी है और दमख़म भी। 

                                            NATIONAL / राष्ट्रीय मामले हो या INTERNATIONAL / अंतर्राष्ट्रीय उसे 

                                          हर मुद्दे की KNOWLEDGE होती ही है , INTERNATIONAL BUSINESS में 

                                          भी LEADER पूरी नजर रखता है। 

 

                                      "LEADER की QUALITIES में आप कह सकते हैं कि कोई भी व्यक्ति जो

                    LEADER  कहलाता है वो FULL PACKAGE है :-HUMANITY , AWARENESS , 

                       INTELLIGENCE , LEADERSHIP , KNOWLEDGE , OUTSPOKEN AND 

                     FEARLESS PERSONALITY का।






      

           

                                                                              

Sunday, September 8, 2024

WHO IS LEADER/ HEAD/NETA/{IN HINDI}

                                               WHO IS LEADER ?

                           नेता कौन होता है ?              

 

 इस दुनिया में हर इंसान अपने अच्छे या बुरे विचारों का मालिक स्वयं है। बचपन की बात करें तो किसी भी इन्सान को जब तक वो समझदार या MATURE नहीं हो जाता , उसकी देखभाल ,उसकी शिक्षा सब का नियंत्रण माता - पिता के हाथ में होता है। 

अक्सर परिवार में इस बात को भी देखा गया है कि कौन सा इंसान परिवार में अपनी ज़्यादा समझ रखता है और परिवार के लिये बेहतर तरीक़े से अपनी ज़िम्मेदारी को निभा सकता है। खासकर जब विपरीत परिस्थिति हो तब।     

ठीक यही स्कूल ,कॉलेज ,कार्यस्थल पर भी देखा जाता है कि कौन ज़िम्मेदारी को अपने सही नेतृत्व से संभाल सकता है। 

अब एक प्रश्न जरूर किया जाता है कि क्या सब एक समान अपने नेतृत्व का कौशल दिखा सकते हैं ?

LEADER / HEAD की भूमिका निभाना इतना आसान भी नहीं होता जितना LEADERSHIP पाने के लिये लोग लालायित या इच्छुक रहते हैं। 

एक लीडर की भूमिका या ज़िम्मेदारी वही निभा सकता है जिस व्यक्ति में अपने काम , संस्था के लिये जुनून हो लेकिन उसके जुनून में ना तो स्वयं के लिये कोई लालच हो और ना ही किसी भी अन्य के लिये। 

LEADER वही बन सकता है जो अपने प्रभाव से विपरीत हालातों में भी निर्भीक रहकर बिना किसी पक्षपात के सही फैसलों को ले सकने की हिम्मत रखता हो। 

LEADER बनने के लिये बहुत जरुरी है कि आपमें ऐसे गुण हो जो दूसरे लोगों को सही मार्ग दिखा सके। जिस काम के लिये योग्य लोगों की जरूरत हो उनके लिये आप बाकी लोगों को समझाकर अपनी बात को सही ढंग से कह सकें। 

LEADER अपनी TEAM के सदस्यों का अग्रणी होता है वो अपने काम को बेहतर ढंग से करना भी जानता है और करवाना भी। 

 

LEADER का काम होता है कि चाहे कोई संस्था हो , आंदोलन हो या कोई  यात्रा। लीडर को सबको योजनाबद्ध तरीकों से संगठित करके , सबकी निगरानी रखनी पड़ती है और इस सबमें लीडर को स्वयं अनुशासित रहते हुए सबके साथ संचालन करना पड़ता है। 

कोई भी व्यक्ति जो LEADER कहलाता है उसे सर्वसमिति से ही चुना जाता है। लीडर को TIME , CLIMATE , SITUATION , DISASTER के प्रभाव से स्वयं को मुक्त रखना पड़ता है।  

    

 

       

WHAT IS COMPETITION? / PRATIYOGITA KYA HAI?

                                       WHAT IS COMPETITION  

                                                                प्रतियोगिता क्या है ? 


        इस संसार में जब से इंसान का जन्म हुआ है तब से ही competition /प्रतियोगिता का भी जन्म हुआ है। 

                           हर मनुष्य यह चाहता रहा है कि वह हर विषय में आगे हो। 

जैसे - जैसे इन्सान की समझ विकसित होने लगी वैसे -वैसे नए प्रयोग भी होने लगे। धीरे -धीरे मनुष्य निरंतर अपना विकास करता गया  और विकसित होने लगी नित नई संभावनाए जिससे मनुष्य कई आविष्कार होने से अपना और समाज का विकास करता गया। 


अक्सर यह देखा गया है कि बदलते युगों के साथ नित नए प्रयोग करके नित नए आविष्कार तो हुए पर लोगों के मन में भी बदलाव आनेलगा। जब इन्सान कोई सफलता हासिल कर लेता है तो उसे लगता है कि इस सफलता पर सिर्फ़ उसका ही नाम हो और केवल उसे ही काबिल या genius / ज्ञानी समझा जाए। 

अगर यह  मान भी लिया जाए कि किसी की स्वयं की गई मेहनत का पुरस्कार उसका अपना होता है तब भी क्या ऐसा नहीं हो सकता कि competition की भावना की जगह "सबका विकास ,सबका कल्याण हो, ऐसा भाव मनुष्य अपने भीतर रखे। 

 

आज आधुनिक युग में अगर आप चाहो तो इस सृष्टि से आप बहुत कुछ अपने जीवन में ले सकते हो , साथ ही साथ आज लगभग काफी लोग ऐसे हैं जो क़ाबिल हैं क्यूँकि विकास और आविष्कार निरन्तर होने से इंसान समय के साथ सीखता गया और सिखाता भी गया। 

 

                              "WHAT IS COMPETITION :- प्रतियोगिता क्या है।" 


कई बार कहा भी जाता है कि अगर सब समान होंगे तो कैसे पता चलेगा कि कौन कितना बुद्धिमान है। 

हर इन्सान को बचपन से ही ज्यादा सीखाने पर ज़ोर दिया जाने लगा यानि बचपन से शुरु हुआ 

COMPETITION व्यक्ति के अंत तक जीवन में समा गया। 

आज जीवन में अगर आप देखें तो पायेंगे कि सब तरफ COMPETITION / प्रतियोगिता का ही दौर है। 

अब चाहे स्कूल , कॉलेज में आपकी शिक्षा हो या रोज़गार के लिये EXAM , आपको अपना BEST तो देना ही

 होगा। 


                                क्या आपने कभी इस शब्द पर गौर किया है  " अपना BEST "


    आज आधुनिक युग में जहाँ EDUCATION की फील्ड में विभिन्न तरह के COURSES हैं जैसे COMPUTER , EDUCATION, MEDICAL , ENGINEERING , METEOROLOGY, ETC. 


इसकी एजुकेशन और तैयारी के लिये हमेशा आपको COMPETITION के दौर से गुजरना ही पड़ेगा तो आप हमेशा यही कोशिश करें कि "अपना BEST " ही दें। 

 

COMPETITION किसी  भी चीज के लिए हो आप को किसी से जलन RAT - RACE नहीं रखना , अपना सर्वश्रष्ठ दीजिये। 


जीवन में COMPETITION होना ही चाहिये जिससे यह पता चलता रहे कि हम किस पायदान पर खड़े हैं या शिखर की ऊंचाई पर। 

किसी भी मनुष्य की बुद्धि को प्रखर बनाने के लिये स्वयं से किया गया COMPETITION हमेशा उसे जीवन में SUCCESS OR PROGRESS देता ही है।



Tuesday, September 3, 2024

WORK IS WORSHIP / KAAM PUJA HAI

                                                      WORK IS WORSHIP 

                                            काम पूजा है।   

 

     किसी भी इन्सान का जीवन तीन चरणों में होता है।                                    बचपन , जवानी और बुढ़ापा।  

 

कहते हैं कि बचपन ही वो उम्र है जब आप बेफिक्र होते हो क्यूँकि इसके बाद तो जीवनभर इन्सान की भाग - दौड़ खत्म ही नहीं होती।  

सही भी है बचपन के सुनहरे दिन , मस्ती , वो हिस्सा है जीवन का जिसका जिक्र हमेशा होता है। 

जैसे -जैसे बचपन के बाद युवावस्था आती है तब दौर शुरु होता है सीखने का, काम करने का। पता ही नहीं चलता कि कब उम्र आगे बढ़ती गई और काम करते करते जीवन का वो दौर आ गया जिसे बुढ़ापा कहते हैं। 

अक्सर सुना जाता है कि "WORK IS WORSHIP " यानि 

                                      "काम ही पूजा है। " 

 

क्या कभी आपने काम और पूजा में फ़र्क करके यह समझने की कोशिश की है कि काम / WORK को WORSHIP / पूजा क्यूँ कहा गया है ? 

 

आप जो भी काम करते हों अगर उसमें आपकी पूरी लगन और कोशिश शामिल ना हो तो क्या आप अपने जीवन में उतने सफल हो सकते हैं जितने में आपको सफल व्यक्ति माना जा सके ?

काम को अगर आप अपनी पूजा मानते हैं तो यक़ीनन आप दिल से चाहते होंगे कि मेरा हर काम सही से हो , कोई गलती ना हो ,मुझे अपने काम में कामयाबी मिले।   

                क्यूँ कहा जाता है कि WORK IS WORSHIP ? 

इस बात को समझना चाहते हैं तो उन लोगों को देखें जो आज आपकी नजर में सफल हैं। आप भी चाहते होंगे कि काश हम भी इनकी तरह सफल हो पाते। अगर आपको ऐसा लगता है तो अपने उन सभी काम या JOB / रोज़गार को देखें और साथ ही साथ यह भी देखें कि आपकी अपनी मेहनत और रुचि कितनी थी अपने JOB या काम या COMPETITION को ऊंचाई पर ले जाने की। 

किसी को भी क़ामयाबी तब तक नहीं मिलती जब तक इन्सान खुद को उस काम को सफल बनाने में पूरी तरह तल्लीन नहीं कर देता या यूँ कह लो कि भूल जाता है कि दुनिया में इस काम के अलावा भी कुछ और है। 

 

शायद आपने भी सुना हो :--

                            कामयाबी की एक 

                               खास बात है....

                          कि वह मेहनत करने 

                            वालों पर फिदा हो 

                                   जाती है। 

 

एक और सूफी कहावत है कि :------

                     इश्क़ इस जहान में तब तक मुक़म्मल नहीं होता , 

                                 जब तक वो ख़ुदा से ना हो  

                               और जिसको खुदा से इश्क़ हो    

                            उसके जैसा फिर आशिक़ नहीं होता।  

 

यही कशिश अगर इन्सान अपने काम में रखे तो निश्चित ही निरन्तर अपने आपको सफलतम व्यक्ति बना सकता है बस इस बात का विशेष ध्यान रखें कि  आपको अगर अपनी ज़िन्दगी में , अपने कामों में सफल होना है तो नियम बनायें। 

 सुबह से लेकर रात तक अपने हर काम का TIME - MANAGEMENT यानि समय सीमा निश्चित करें क्यूँकि आपके पास सिर्फ़ 24 HOURS /घंटे ही हैं। इन्हीं समय - सीमा में अगर आप एकाग्र होकर अपने काम को यह मान कर करेंगे कि "WORK IS WORSHIP " तो आप उन सभी लोगों की लाइन में खुद को भी खड़ा पाएंगे जो आज आपकी नज़र में सफल व्यक्ति हैं। 

 

               आज से और अभी से ही अपने इष्ट /भगवान /GOD का नाम लेकर अपने काम को सही TECHNIQUE / कौशल से शुरू करें और अपने प्रयास को रोज़ थोड़ा और ज्यादा समय देकर निरन्तर सफल होने की कोशिश करतें रहें। 


 

HOW TO PREPARE FOR EXAMS / PARIKSHA KI TAIYARI KAISE KAREN?{IN HINDI}

                             HOW TO PREPARE FOR EXAMS ?                           परीक्षा की तैयारी कैसे करें ?   मनुष्य के जीवन में संघर्ष ...