GENERATION GAP :: पीढ़ी का अंतर
दोस्तों, आज हम जिस विषय / टॉपिक पर बात कर रहे हैं , यह टॉपिक
हर उम्र के लोगों के लिये नया भी हो सकता है और पुराना भी। यह विषय इतना संजीदा है कि
इस पर बात करना भी कभी - कभी समस्या लगता है क्यूँकि दोनों ही GENERATIONS /
पीढ़ीओं को लगता है कि वो ही सही है।
दोनों GENERATIONS यानि के हर दौर के माता- पिता और उनके बच्चे।
कितनी ही शताब्दियाँ बदल गई , लोगों ने हर बदलती Century / शताब्दी देखी
लेकिन Generation gap आज तक नहीं बदला। आज भी माता पिता / बेटा - बेटी के बीच में
यह समस्या देखने को मिल रही है।
एक वक़्त वो था दोस्तों , जब सभ्यता विकसित अवस्था में थी। इन्सान की
तुलना बन्दरों से की जाती रही है , सभ्यता के विकास के साथ - साथ इन्सान भी विकसित
हुआ। बंदरों की तरह रहता था इंसान फिर पत्थर से आग निकली तब और विकास हुआ।
फिर धीरे - धीरे न जाने कितने विकास हुए और आधुनिक युग शुरू हुआ
"ऐसा माना जाने लगा की इन्सान ने अपनी बुद्धि के बल पर सफलता पायी है।"
"अब एक सवाल हम सबको खुद से करना चाहिये कि क्या हमारी बुद्धि की क्षमता इतनी कम हो गई है कि पीढ़ी दर पीढ़ी सबको सिर्फ़ और सिर्फ़ अन्तर ही नज़र आ रहा है , क्यूँ नहीं समझ रहे उन सवालों को जिसका उत्तर /answer हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को देना होगा।"
"WHAT IS GENERATION GAP"
कुछ रोचक बातें ::::
GENERATION GAP :-
FATHER used to walk 20
minutes to save 20 rupees,
SON spends 20 rupees
to save 20 minutes .
👀👀👀👀👀👦👧👪👫💦😕😔😓😖
दोस्तों , जब भी GENERATION GAP / पीढ़ी के अंतर की बात होती है तब यह हर परिवार का आपसी कलह होता है। अगर आप समझदारी से देखेंगे तो आप अपने पिता ,माता ,बेटे ,बेटी को समझ पायेंगे।
अगर आप सही हैं तो कोई एक अपनी बात को पूरे विस्तार से दूसरे को समझाय , कई बार कोई बात ऐसी होती है जो परिवार की प्रतिष्ठा , संस्कारों से भी जुड़ी होती है ,या फिर बहुत बड़े आर्थिक मसले से जिससे पैसों की परेशानी या कर्ज़ जुड़ सकता है।
बहुत सारी ऐसी बातें जिनको पुरानी पीढ़ी नहीं मानती लेकिन नई पीढ़ी के लिये कोई बहुत बड़ी बात नहीं है।
ऊपर जो उदाहरण दिया गया है :- FATHER , SON
का , अपने आप में ही पूरी कहानी कह देता है।
"मेरा तो मानना है दोस्तों , पिता या माँ के अनुभवों को
हलके में नहीं लेना चाहिये , उनके जीवन में भी SAME /एकसमान
परेशानी आई होगी , हो सकता है उस वक़्त वो बात सही रही हो ,अब
अगर आपको जिस वज़ह से सही नहीं लग रही , आप धर्यै से उनकी
बात को सुनकर अपना पक्ष रखें।
"फिर भी अगर दोनों को लगे कि मैं ही सही हूँ तो अपने आप को दूसरे
की जगह पर रख कर सोचें "
दोस्तों , ज़िन्दगी कब तक मिली है पता नहीं , आख़िर हैं तो अपने वंश ,
अपने ही माता - पिता, " फिर टकराव , तक़रार क्योँ ?"
अनुभव और नव आविष्कार को साथ लेकर चलें।
GENERATION GAP / पीढ़ी के अंतर को
सिर्फ़ और सिर्फ़ इसी तरह समाप्त किया जा सकता
है।
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