Sunday, August 24, 2025

BAAHY SAUNDARY KYA HAI? / WHAT IS EXTERNAL BEAUTY?

                WHAT IS EXTERNAL BEAUTY ?

                    बाह्य सौंदर्य क्या है ? 


"बाह्य सौंदर्य" का मतलब है जो आँखों से स्पष्ट रूप से दिखाई दे। 

इस संसार में अगर मनुष्य अपने आसपास देखे तो वातावरण में ऐसा बहुत कुछ है जिसे आँखों से देख कर मंत्र मुग्ध हुआ जा सकता है।  

प्रकृति में नदियां , सागर , पहाड़ , झरने , झीलें आदि बहुत कुछ है जो आपको दिखाई देता है और मंत्र मुग्ध भी करता है। 

मनुष्य की बात करें तो उसमें भी दूसरों को मंत्र मुग्ध करने की शक्ति होती है , किसी इंसान में भी कुछ विशेषता होती है जिसे उसका "बाह्य सौंदर्य " या "EXTERNAL BEAUTY " कहा जाता है। 

 

"EXTERNAL BEAUTY " यानि बाह्य सौंदर्य उसे कह सकते है जो दिखाई देता है जैसे किसी इंसान का रंग - रूप , उसका शारीरिक बनावट ,आकर्षक चेहरा और परिधान यानि आकर्षक तरीके से कपड़ों को पहनना। 

समाज में किसी इंसान को जब उसके भौतिक गुण के कारण जाना जाता है तब कहा जाता है कि इंसान का "बाह्य सौंदर्य " ही उसका सबसे बड़ा आकर्षण का कारण है। 

समाज में अक्सर लोग किसी की बाह्य शख्सियत से ही प्रभावित हो जाते है , किसी का आकर्षित तरीके से कपड़े पहनने का स्टाइल हो, या बातचीत करने का अलग अंदाज़ हो , हर इंसान को लुभाता है। 

कहा जा सकता है कि "बाह्य सौंदर्य " में वो गुण है जो लोगों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है क्यूँकि हर इंसान अपने जीवन में भौतिक गुण जैसे किसी के बाहरी व्यक्तित्व " चेहरे की बनावट , शारीरिक बनावट और बाहरी आकर्षक परिधान को देखकर आत्म सुख का अनुभव करता है। 

अतः यह निष्कर्ष निकलता है कि "बाह्य सौंदर्य न केवल आत्म - मुग्ध करता है वरन यह समस्त मनुष्य की इन्द्रियों को भी आनंद प्रदान करने में अपनी पूर्ण भूमिका निभाता है। 


 


AANTRIK SAUNDARY KYA HAI?/ WHAT IS INNER BEAUTY?

                          WHAT IS INNER BEAUTY ?

                   आंतरिक सौंदर्य क्या है ? 


     "आंतरिक सौंदर्य यानि INNER BEAUTY" 

आंतरिक सौंदर्य से मतलब किसी भी इंसान के भीतरी सौंदर्य से माना गया है। भीतर से मतलब इंसान के व्यवाहरिक गुण , उसके अंतर मन में छिपी करुणा , उसकी अच्छाई , दूसरों के प्रति दया , प्रेम और साथ ही उसके अंदर कितनी बुद्धिमता है और उसका स्वयं का आत्मविश्वास जो उसके चरित्र को भी उज्वल बनाता है। 

आत्मविश्वास से इंसान हर काम को शांति से कर पाता है क्यूंकि शांत मन व्यक्ति की बुद्धि को भी संतुलित करता है और किसी भी विषम परिस्थिति का सामना वह आराम से कर पाता है। 

आंतरिक गुण इंसान को व्यावहारिक , ईमानदार और सद्गुण भी बनाते हैं। जिससे कोई भी आंतरिक गुण प्राप्त इंसान दूसरों के प्रति बिना किसी द्वेष के अपना और साथ ही दूसरों का भी भला करता है।  

उसी इंसान का चरित्र भी उज्वल रह सकता है जो ईमानदार और अपने कर्मों को सही दिशा देता है। 

किसी भी व्यक्ति को उसके आंतरिक गुण / आंतरिक सौंदर्य स्थायित्व भी देते है। 


कहा भी जाता है कि :-

            "व्यक्ति में सुंदरता की कमी हो  

     तो अच्छे स्वभाव से पूरी की जा सकती है 

    पर अच्छे स्वभाव की कमी सुंदरता से कभी 

                पूरी नहीं की जा सकती।" 


Friday, August 22, 2025

sundarta ka matlab kya hai? / what does beauty mean?

            WHAT DOES BEAUTY MEAN ? 

                  सुन्दरता का मतलब क्या है ? 


सुन्दरता / BEAUTY किसी भी इंसान की पहचान बन जाती है। अनगिनत सदियों से सुंदरता इन्सानों को अपनी और आकर्षित  करती रही है। 

सुंदरता केवल स्त्री में हो ऐसा नहीं है , सुंदरता पुरुष को भी सम्मान दिलाती है। 

किसी भी व्यक्ति का सुन्दर दिखना , आकर्षण का केंद्र माना जाता है। 

अगर किसी व्यक्ति का रूप समाज को प्रभावित करता है तो उस व्यक्ति की PERSONALITY/ शख्सियत एक अलग मायना रखती है। 

जैसे अगर कोई कहें कि "किसी शायर की गज़ल 

                                               ड्रीम - गर्ल " 

तो यक़ीनन आपके जेहन में एक ही चेहरा उभरता है - बॉलीवुड स्टार  "हेमा मालिनी " का। 

 

सुंदरता के बारे में ना जाने कितने शायर कितनी गज़ल लिख गए और बॉलीवुड में कितने गीत लिखे गए। 


किसी चेहरे की आकर्षक आँखें , पलकें , लब शायर की कलम को धार देते गए। 

किसी शायर ने लिखा कि :-

 

              "उसके चेहरे की चमक के 

                   आगे सब सादा लगा, 

                आज आसमां में चाँद पूरा  

                   था मगर आधा लगा" 


कुछ लोग जन्म से बहुत सुन्दर ,आकर्षित व्यक्तित्व वाले होते हैं। कहा जाता है कि इनको GOD GIFT मिला है BEAUTY / सुन्दरता का। 

कुछ लोग अपने आप को इस कदर MAINTAIN / बना - सवांर कर रखते हैं कि साधारण होने पर भी वो बहुत आकर्षित करते हैं। 


किसी शायर ने कहा भी है कि :-

      "खूबसूरती न सूरत में है न लिबास में , 

        निगाहें जिसे चाहे उसे हसीन कर दें "

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