Saturday, February 27, 2021

LOSS OF MULTITASKING / MULTITASKING KE NUKSAAN

          MULTITASKING KE NUKSAAN

                LOSS OF MULTITASKING 

 

               MULTITASKING : एक साथ कई कार्य करना  

 

 आपने हमेशा यही सुना और देखा होगा कि हम सब और बाकी लोग किसी भी काम को करते हैं तो कोई एक ही काम होता है और उसी एक काम को करने में हम अपना पूरा ध्यान लगा देते हैं और इस बात का ध्यान भी रखते हैं कि हमारा काम तत्परता से और सही तरह से पूरा हो जाए। 

           अब बात चाहे हमारे रोज़गार की हो या फिर अन्य किसी भी क्षेत्र की। 

 

हमेशा से यही माना जाता रहा है कि कोई भी क्षेत्र हो , कोई भी विधा हो अगर उसमें पारंगत होना है तो अपने पूरे मनोयोग से उस क्षेत्र में काम करना होगा। बचपन से घर और स्कूल , अपने सगे - सम्बन्धी , दोस्त यही सलाह देते रहे। हम सब भी इसी नियम पर चलते रहे।  

                    

            दोस्तों, पिछले कुछ वर्षों से एक बात सुनने और देखने में आई कि अब 21 st century में एक ही काम से , जीवन नहीं चलने वाला क्यूंकि नए -नए आविष्कार हुए जिससे जन - जीवन में जागृति / उत्सुकता आई। इसी से नए रोज़गार , शिक्षा , रिसर्च आदि में भी प्रगति हुई। 

 

                            हर इन्सान सोचने पर मज़बूर हो गया कि क्या वो स्वयं इतना क़ाबिल है कि वो भी मल्टीटास्कर बन सके?

 

बेशक अच्छा विचार हो सकता है लेकिन तब जब आप स्वयं क़ाबिल हों।  कई बार देखा गया है दोस्तों , लोग दूसरों की नकल बहुत करते हैं उनको लगता है कि अगर सामने वाला कई काम एक साथ करके सफल हो रहा है तो मै भी ऐसा करके सफल हो सकता हूँ। 

                            

                        हम आपको एक सलाह देना चाहेंगे और वो यह कि अगर आप अपने बारे में पूरी तरह से इस बात का यकीन रखते हैं कि आप दिन के 12 से 16 घंटों तक लगातार काम कर सकतें हैं तभी मल्टीटास्कर बनने के बारे में सोचिये। मल्टीटास्कर सुनने या किसी को देखने में जितना आसान लगता है उतना है नहीं क्यूँकि बहुत सारे काम बहुत सारी मेहनत , भागदौड़ , नाकामी वाले भी हो सकते हैं जिनकी वज़ह से तनाव भी हो जाता है जिससे रोज़मर्रा की personal life भी disturb हो जाती है। 

 

आइये जानते है मल्टीटास्कर के नुक्सान के बारे में :-

                                                         

1 . अनुभवहीनता :-  अगर आप किसी काम को करने में सक्षम नहीं हैं या कम knowledge / ज्ञान रखते हैं तब आपका काम आपके लिये सिरदर्द बन सकता है जिससे सम्बन्धित क्षेत्र में आप पर अनुभवहीन का टैग लग सकता है जिससे आप तनाव की स्थिति में रह सकते हैं। 

 

2.  योजनाविहीन :-  अगर आप मल्टीटास्कर बनना चाहते हैं और आपने अपने सभी कार्य को करने की कोई प्लानिंग नहीं की तब आप हर काम में उलझनें महसूस कर सकते हैं। 

 

3.  समय -प्रबन्धन के बिना :- अगर आप अपने मल्टीटास्क बिना समय प्रबन्धन के करते हैं तो किस काम को कितने समय में करना है,  आप निश्चित नहीं कर पाएंगे जिससे अगले काम में देर हो सकती है या हो सकता है कि उसी दिन आप अपने काम को पूरा ना कर पायें। 

 

4. वित्तीय -प्रबन्धन के बिना :- मल्टीटास्कर बनने के लिये finance security बहुत आवश्यक है।  बिना वित्तीय -प्रबन्धन आप कई कामों में असफल हो सकते हैं। 

 

5. व्यक्तिगत जीवन :-  बिना उपरोक्त योजनाओं के मल्टीटास्कर बनना बहुत ही मुश्किल है।  अगर आप हर काम बिना योजना के करेंगे तो आपकी दिन प्रतिदिन की परेशानी हो सकता है कि आपकी ज़िन्दगी में आपके व्यक्तिगत जीवन में भी अस्थिरता ले आए। 

 

                                 दोस्तों , मल्टीटास्कर बनने का ख़्वाब देखिये लेकिन इसके नुकसान को भी ध्यान में रखें।

 

 

 

 



 

 

 

 

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