" CLIMATE / CHANGES / IMPACT"
"जलवायु / परिवर्तन / प्रभाव"
मौसम की बात की जाए तो संसार में अलग - अलग देश हैं और हर देश की अपनी भूगौलिक स्थिति , जलवायु है। जिसका उचित या अनुचित प्रभाव भी सब देशों पर अलग पड़ता है।
मौसम और जलवायु में अंतर होता है।
मौसम किसी स्थान की अल्पकालीन वायुमंडलीय दशाओं का सूचक है। वायुमंडलीय दशाओं में मेघ , आद्रता , वायुदबाव , बारिश , तापमान और पवन की गति आदि शामिल है।
मौसम की यह विशेषता है कि यह कभी भी स्थिर न रहकर निरंतर परिवर्तनशील और गतिशील रहता है।मौसम का पूर्वानुमान भी लगाया जा सकता है।
हमारे दैनिक जीवन पर मौसम का प्रभाव भी पड़ता है।
जलवायु किसी स्थान के वायुमंडल की लम्बी अवधि की औसत स्थिति है जो मौसम की स्थिति के पैटर्न को दर्शाती है।
जलवायु को आमतौर पर 30 या उससे अधिक वर्षों
की अवधि के लिए मापा जाता है।
मौसम की स्थिति जलवायु से अलग होती है। मौसम अल्पकालिक होता है जबकि जलवायु दीर्धकालिक {लम्बी अवधि} के ढांचे को दर्शाती है।
"CLIMATE CHANGES "
"जलवायु परिवर्तन"
जलवायु परिवर्तन तापमान और मौसम के ढाँचे में लम्बे समय तक होने वाले बदलाव है जो प्राकृतिक रूप से हो सकते हैं।
बाद के समय में ये पाया गया कि मानवीय गतिविधिओं के कारण भी जलवायु परिवर्तन हुआ , मुख्य कारण था - जीवाश्म ईंधन का जलना।
जलवायु परिवर्तन का मुख्य कारण ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन भी है।
"जलवायु परिवर्तन के प्रभाव "
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव तापमान में वृद्धि को भी दर्शाता है जिससे जंगल की आग , सूखा और गर्मी बढ़ रही है।
ग्लेश्यिरों की बर्फ़ पिघलने से समुंदर का स्तर बढ़ रहा है जिससे तटीय क्षेत्रों में बाढ़ और कटाव का खतरा भी बढ़ रहा है।
जलवायु परिवर्तन से मौसम के ढांचे में भी बदलाव आ रहा है। इसके बदलाव से कहीं सूखा और कहीं बाढ़ की स्थिति बन रही है।
जलवायु परिवर्तन से पशुधन और फसलों पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा हैं। मनुष्यों में भी बीमारियां बढ़ने का खतरा मंडराने लगा है , पानी की कमी और भोजन की कमी से कुपोषण का खतरा भी बढ़ जाता है और गर्मी से भी बीमारियां बढ़ जाती है जिसका स्वास्थ्य पर भी बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है।
जलवायु परिवर्तन की समस्या बहुत बड़ी है इससे निपटने के लिये इंसान को बहुत जल्द जागरूक होना पड़ेगा और जल्द से जल्द अधिक से अधिक पेड़ लगाने होंगे जिससे कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा को अवशोषित किया जा सके।
ऊर्जा के स्रोतों को भी बढ़ाना पड़ेगा जैसे सौर और पवन ऊर्जा।
शहरीकरण में भी सुधार करना पड़ेगा , हरियाली और जल प्रबंधन पर भी काम करना पड़ेगा।
लोगों को जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणाम से बचने के लिये जागरूक करना होगा , शिक्षित करना पड़ेगा।
जलवायु परिवर्तन आने वाले समय की एक वैश्विक चुनौती है जिससे सबको बचने के उपाय ढूंढने होंगे और सभी को एक जुट होकर काम करना होगा।
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