Tuesday, February 6, 2024

NACRATMAK VICHAROON KO DUR KAISE KARE? {NEGATIVE THOUGHTS}

                                                   नेगेटिव विचारों को दूर कैसे करें ?

                                                      NEGATIVE THOUGHTS 


दोस्तों , कभी आपने सोचा है कि ज़िन्दगी में अगर सकारात्मक यानि 

POSITIVE सोच ना होती तो क्या हमारी और आपकी ज़िन्दगी तब भी 

इतनी आसान होती ?

क्या तब भी हम इतनी ही कुशलता से अपने सब काम कर सकते ?

हम हर मुश्किल की घड़ी में अपनी सोच , अपने फैसलों को सही ले 

सकते क्या ?


         अगर आपका जवाब हाँ है दोस्तों तो आप गलत हो। 


आइये, जानते हैं उन सभी कारणों को जो किसी भी इन्सान की सोच 

नकारात्मक होने से , उसके जीवन को कैसे बरबाद कर देती है और 

और कैसे एक सक्षम इन्सान मानसिक रूप से खुद को नकारात्मक 

विचारों में उलझा लेता है। 


1. विपरीत हालात :- कई बार इन्सान ऐसे विपरीत हालात में अपना 

                                 जीवन जीने के लिए मज़बूर हो जाता है जहाँ          

                                 उसके पास जीवन जीने के लिये पर्याप्त धन-राशी 

                                 यानि पैसा नहीं होता जिससे वो नकारात्मकता 

                                  में उलझ जाता है , कई बार अनेकों प्रयास के 

                                 बावजूद व्यक्ति निराश हो जाता है।  


2. निरक्षता :-           अगर कोई इन्सान अपने जीवन में educated नहीं 

                                है यानि पढ़ा - लिखा न हो तब भी उसे बहुत सी 

                               बातों का ज्ञान ना होने के कारण भी कई समस्या 

                               आती है जिससे इन्सान कभी - कभी नकरात्मक 

                               विचारों के भॅवर में इतना ज़्यादा फँस जाता है कि 

                               उसको समझाना और समझना दोनों ही बहुत 

                               मुश्किल हो जाता है।  

 

3.  लालच :-           बहुत बार देखा गया है कि कुछ इंसान हद से 

                               ज़्यादा लालची होतें हैं जिससे उनके दिमाग में 

                               दूसरों की काबिलियत से जलन , दूसरों की 

                               प्रगति से जलन होती है और साथ ही साथ दूसरों 

                               की चीज़ों के प्रति लालच भी बहुत होता है।     

 

4. भ्रामकता :-       सही स्थिति ना देख पाने के कारण और कभी - 

                              कभी कुछ सही साहित्य ना पढ़ने,भ्रामक किताबों

                            की वज़ह भी होती है ,नकारात्मक विचार  इंसान के 

                              दिलों - दिमाग पर हावी हो जाते हैं।    

 

5. आकर्षण :-       कई बार कुछ इन्सान विपरीत लिंग आकर्षण की 

                             वज़ह से और कुछ चरित्र की मज़बूती ना होने की 

                            वज़ह से भी अपने जीवन में इतने निराश हो जाते हैं 

                            कि जब इनको अपने प्रयास से , दूसरे को पाने में 

                            जब असफलता मिलती है तो यह नकारात्मक 

                            विचारों से ग्रसित हो जाते हैं। 


दोस्तों , अब अगर सोचा जाए कि कैसे नकारात्मक विचारों को दूर करें 

तो सबसे पहले सहज रहें। 

इस बात को एक इन्सान को स्पष्ट रूप से समझ जाना चाहिये कि 

अगर इस दुनिया और अपने जीवन में कुछ हासिल करना है तो स्वयं 

का आकलन करना बहुत जरुरी है। 

केवल दूसरों से प्रतिस्पर्धा करने में ही ना उलझे रहें वरन खुद के अन्दर 

भी झांके , प्रयास करें स्वयं को काबिल बनाने का। 

अपने आसपास कुछ ऐसे लोगों के साथ रहें जो आपको सही मार्ग 

दिखाएँ , आपमें भी कुछ नई skill सीखने को प्रेरित करें या आप उनसे 

ही सीख पाए। 

अच्छा साहित्य पढ़ें , उन लोगों की जीवनी पढ़े जिन्होंने गरीब रहना 

अपनी क़िस्मत नहीं माना। निरन्तर अपने प्रयास कर कर के स्वयं के 

जीवन को ना केवल ऊपर उठाया बल्कि समाज में भी अपने वज़ूद को

एक पहचान दिलाई। 

ईश्वर की महत्ता को दिल से स्वीकार करें , इससे आपको एक नई 

ऊर्जा भी स्वयं में महसूस होगी और गलत दिशा में भी आपको जाने 

से रोकेगी। आपके जीवन में सकारात्मक विचार ही आएँगे। 

लालची प्रवर्ती पर स्वयं रोक लगायें। 

ज़र- जोरु- जमीन इन तीन कारणों से स्वयं को हमेशा दूर रखें। 

अपने आप में श्रेष्ठ बनने के गुणों को विकसित करें। 

समय के साथ चलें , सही वक़्त ना हो तो धीरज रखें। 

इस बात को अच्छी तरह अपने दिमाग में बिठा लीजिये कि 

"अच्छा वक़्त , अच्छे लोग किस्मत से मिलते हैं , निरन्तर अपना प्रयास

करतें रहें। " 


                             " हमेशा याद रखें"

 

                       मुश्किलें कमजोर पड़ जाती हैं ,

                         जब आपको मजबूत पाती हैं। 

 

                                         😇 



 

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