Sunday, June 8, 2025

BEHAVIOR....VYAVAHAAR {IN HINDI}

                            BEHAVIOR

                                व्यवहार  


               अच्छे व्यवहार का आर्थिक मूल्य 

           भले ही ना हो , लेकिन अच्छा व्यवहार 

                          करोड़ों दिलों को 

                खरीदने की ताकत रखता है। 

 

प्रकृति ने इंसान के साथ बहुत खूबसूरत रिश्ता रखा। 

जैसे कह रही हो "मेरा सब कुछ तेरा " 

तभी इंसान इस प्रकृतिक वातावरण में सहजता से अपना जीवन जी सका। 


क्या मनुष्य भी इस प्रकृति से कुछ सीख सकता है ? 

क्या एक संतुलित व्यवहार मनुष्य को सहज बना सकता है ?

        आइये जानते है "व्यवहार होता क्या है ? 

 

जब कोई मनुष्य के रूप में जन्म लेता है तो वो अपने जीवन में कई चरणों से गुजरता है जैसे बाल्यावस्था,  किशोरावस्था और वृद्वावस्था। 

प्रत्येक अवस्था इंसान को धीरे -धीरे दूसरे लोगों के साथ जोड़ती जाती है। 

सबसे पहले जब बच्चा घर में परवरिश पाता है , अपने माता - पिता के सानिध्य में उसका पालन - पोषण होता है। अपने आसपास की दुनिया को समझता है , यहीं से उसके व्यवहार यानि BEHAVIOR को देखा जा सकता है। अगर बचपन से ही बच्चे को सही व्यवहार की शिक्षा दी जाए तो निश्चित रूप से ताउम्र बच्चा अच्छी बातों पर ही अपना ध्यान देगा। अच्छी शिक्षा ,अच्छी परवरिश हमेशा आपको हर कदम भटकने से बचाती है।  

        दूसरी अवस्था होती है किशोरावस्था।  

किशोरावस्था में समझ विकसित होती है और आपने देखा होगा या स्वयं भी महसूस किया होगा कि दूसरे का व्यवहार हमको भी प्रभावित करता है। 

इसी तरह युवावस्था आते ही पूर्ण रूप से इंसान का व्यवहार समाज में दिखने लगता है। जिसका दूसरों पर POSITIVE या NEGATIVE प्रभाव पड़ने लगता है। 

इंसान का BEHAVIOR / व्यवहार हमेशा अच्छा होना चाहिये क्यूँकि समाज़ में आपकी व्यवहार कुशलता ही होती है जो आपको हर FIELD / क्षेत्र का MASTER / मालिक बनाती है। मनुष्य को   सामाजिक प्राणी कहा जाता है इसलिए ये और भी आवश्यक हो जाता है कि आप हमेशा कोशिश करें कि आपका व्यवहार संतुलित और मर्यादित हो जिससे समाज में आपकी छवि धूमिल न हो। 

अक्सर कहा भी जाता है कि :-

                      जीवन में ऊँचे उठते 

                          समय लोगों से 

                     अच्छा व्यवहार करें ,  

                               क्यूँकि 

                       कभी आप नीचे 

                      आए तो सामना  

                  इन्ही लोगों से करना  

                            होगा !!  


जो अपने जीवन में जितना सरल रहा वही सरलता से अपना अंतिम पड़ाव यानि वृद्वावस्था को भी पार कर गया।


कभी - कभी अपने व्यवहार में विनोदपूर्ण स्वभाव भी रखना बहुत जरुरी होता है क्यूँकि कुछ नकारात्मक व्यवहार के लोग जब ज़िन्दगी में मिल जाए तब हमारा हास्यपूर्ण विनोदी स्वभाव उस कटुता को अपने भीतर न जाने दे। 

कहते भी हैं कि :-  मन में उतरना और मन 

                                    से उतरना

                           केवल व्यवहार पर निर्भर

                                   करता है।   


                        "स्वस्थ रहिये , मस्त रहिये"

                            व्यवहार कुशल बनिये 

                                      दिल से... 

                                           😊 


PERSONALITY {IN HINDI}

                         PERSONALITY 

                                शख्सियत 

                                 व्यक्तित्व 


   PERSONALITY / व्यक्तित्व / शख्सियत क्या है ?

 

                        शब्द और व्यवहार ही  

                    मनुष्य की असली पहचान है।  

                   चेहरा और हैसियत का क्या है

                       आज है,कल नहीं है।  


किसी भी इंसान के लिए अपनी PERSONALITY/अपने  व्यक्तित्व को बनाए रखना किसी चुनौती से कम नही हो सकता क्यूँकि हर इंसान की अपनी अलग फितरत और अलग स्वभाव होता है जिसकी वजह से ही उसे इस दुनिया में एक पहचान मिलती है। 

अगर सरल शब्दों में कहा जाए कि PERSONALITY या व्यक्तित्व क्या है तो यह कहना अतिश्योक्ति नही होगा कि "आपके गुण , आपका स्वभाव ,आपकी विनम्रता , आपका विवेक ,आपकी सज्जनता ,सहयोगी स्वभाव ,आपकी दूरदर्शिता ,सूझ - बुझ ही आपकी एक ऐसी मज़बूत छवि दुनिया के समक्ष लाती है जो आपकी PERSONALITY को उजागर करती है कि "आप दूसरे लोगों से अलग हैं और बुद्विजीवी भी हैं। 

कहा भी जाता है कि :- एक अच्छी पॉजिटिव PERSONALITY से ज्यादा आकर्षक कुछ भी नही है।

अक्सर लोग कहते हैं कि फलां इंसान बहुत बढ़िया है उससे मिलकर सारा तनाव और हमारे जीवन की परेशानी कम या खत्म ही हो जाती है। 

कभी आप लोगों ने सोचा है कि ऐसा क्यूँ होता है किसी इंसान के साथ रहने से ?

                               क्यूँकि   

उस इंसान की पॉजिटिव सोच बहुत ज़्यादा लोगों को समझती है। लोगों की मदद करना , नकारात्मकता से दूर रहना और अपने लक्ष्यों को समर्पित व्यक्ति का मूल्यांकन एक ऐसे इंसान के रूप में होता है जिसकी PERSONALITY / व्यक्तित्व दूसरे लोगों को बहुत प्रभावित करता है। 

जिस इंसान की कथनी और कर्म में विरोधाभास ना हो यकीन मानिये वही व्यक्ति दुनिया की नज़रों में आकर्षक है , प्रभावी है , जिसे सब दिल से स्वीकार करते हैं। 

अगर आप भी अपनी PERSONALITY / व्यक्तित्व को प्रभावी बनाना चाहते हैं तो अपने आप का निष्पक्ष विश्लेषण करें , अपनी खामियों को स्वीकार करें और स्वयं को भी इस लायक बनाने की कोशिश करें कि दुनिया आपकी PERSONALITY के आगे नतमस्तक हो जाए। 

हमेशा याद रखें कि :- 

                          दुनिया की प्रशंसा और आलोचना 

                                दोनों को स्वीकार करें। 

                  फूलों को खिलने के लिए धूप और बारिश 

                               दोनों की जरुरत होती है।   

                                           😊

      

                                           

 


 

 

Wednesday, June 4, 2025

POSITIVE THOUGHTS (IN hindi)

                                                               POSITIVE    THOUGHTS    

                                                                      सकारात्मक विचार    

 

किसी भी मनुष्य में इतनी बुद्धि तो विकसित होती ही है कि वह सही और गलत विचारों का आकलन कर सके। 

मनुष्य के विचार दो तरह के होते हैं ---सकारात्मक विचार और नकारात्मक विचार। 

आइये जानते हैं कि सकारात्मक विचार क्या कहते हैं। 

                                               

                                              " POSITIVE THOUGHTS "     

                                                     "सकारात्मक विचार"

 

                                              इस दुनिया में असंभव कुछ भी नहीं है। 

                                        हम वो सब कर सकते है , जो हम सोच सकते हैं।  

                                                                    और 

                                 हम वो सब सोच सकते हैं , जो आज तक हमने नहीं सोचा। 

 

 

अगर आप सफल पायदान पर खड़ा होना चाहते हैं तो सबसे पहले अपनी सोच को सकारात्मक बनाए और 

ऐसा तभी मुमकिन हो पाएगा जब आपके विचार POSITIVE / सकारात्मक होंगे। 

कहते हैं कि किसी भी मनुष्य के विचारों में वो ताकत होती है जो उसके मन को अच्छाई और बुराई दोनों तरफ ले जा सकती है। आप क्या सोचते हैं इस बात से दुनिया में किसी को कोई फ़र्क पड़े या नहीं लेकिन इन्सान का स्वयं का व्यक्तित्व जरूर प्रभावित होता है। 

 

कहा जाता भी है कि :-

                                      वक़्त आपका है चाहे सोना बना लो 

                                            या फिर सोने में गुज़ार दो...... 

                                      दुनिया आपके उदाहरण से बदलेगी 

                                                     राय से नहीं। 

 

POSITIVE / सकारात्मक विचार व्यक्ति को एक ऐसी ऊर्जा देते हैं जो निरन्तर इंसान को कुछ अच्छा सोचने और अच्छा करने का हौसला देते हैं।  आप स्वयं को जब सशक्त बना लेते हो कि कितनी भी मुश्किले क्यूँ ना आए , आप नित नए काम पूरी शक्ति से करते हो। 

 

कभी कभी ऐसा पल भी आता है कि जीवन में निराशा आ जाती है। कुछ लोग इसी असफल पल में बिखर जाते हैं और कुछ लोग इसी पल को अपनी ज़िंदगी की चुनौती स्वीकार कर निखर जाते हैं।  


ऐसा केवल इसलिये संभव हो सकता है क्यूँकि :--

                                           जिस काम में सफल होने की संभावना ज़्यादा हो

                                           उसको करने पर हम सफल होते हैं.... 

                                                                 लेकिन 

                                         जिस काम में असफलता की संभावना ज़्यादा हो 

                                         उसको करने पर हम श्रेष्ठ होते हैं !

 

हमेशा जीवन में positive / सकारात्मक विचार बनाए रखे जिससे आपकी सोच और आपके जीवन की दिशा दोनों आपको सफलता की और ले जाए। 

 

 

                                               BE OPTIMISTIC 

        

                                  आशावादी बने और पॉजिटिव सोचें 


                                                      😊

 

 

 

                          



             

 

      

                                          

HOW TO PREPARE FOR EXAMS / PARIKSHA KI TAIYARI KAISE KAREN?{IN HINDI}

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