"RELATIONSHIP BETWEEN
FATHER & DAUGHTER"
विश्व / WORLD / संसार का हर इन्सान अपने
सम्बन्धों की कद्र करना जानता है क्यूँकि हर वो शख़्स / person जो
अपने आप की value जानता है उसे एक बात अच्छी तरह से पता है
कि अगर अपने जीवन को पूर्णता से जीना है तो जिन्दगी में हर रंग
होना चाहिये और इन्हीं खूबसूरत रंगों में सबसे शोख़ और चटक रंग
से चमकता है हमारा परिवार।
परिवार के साथ केवल सुख ही नहीं होता ,
कभी - कभी दुःख भी आते हैं जिसको पूरा परिवार मिलजुलकर दूर
कर लेता है।
परिवार में एक ऐसा रिश्ता है जो बहुत कोमल ,मासूम और नाज़ुक
सा होता है जिसकी भोली सी मुस्कान , जो खिलखिलाती, हँसते हुए ,
सारे परिवार को अपना बना लेती है , वो हैं हम सबकी प्यारी चहेती
😄😃😂😁😀😇
"बेटियाँ / DAUGHTER"
एक पिता / FATHER के लिये उस की बेटी किसी
परी से कम नहीं होती। किसी भी पिता की "आँखों का तारा" और
"पिता का अभिमान " होती है उसकी बेटी।
आज 21 st century / सदी में , पिता और पुत्री के
सम्बन्धों को बेहतर ढंग से समझना बहुत जरुरी हो गया है। बदलती
परिस्थितियां , भागती -दौड़ती ज़िन्दगी , परिस्पर्धा , नित नए
आविष्कार / technology, बहुमुखी क्षेत्रों में विकास ,इन सबको एक
पिता को जानना - समझना इसलिये और भी जरुरी है क्यूँकि आज
अगर अपनी बेटी को highly educated , पढ़ा -लिखा शख़्स बनाना
है तो पहले अपने आपको, इस बदलती परिस्थिति को समझना होगा।
कोई भी रिश्ता हो , हर इन्सान प्यार और सम्मान के
साथ अपने जीवन को जीने के लिये दूसरे व्यक्ति की मदद भी चाहता
है और अगर बात बेटियों की हो , तब तो बेटियां अपने जीवन के हर
फ़ैसले को अपनी मर्ज़ी से नहीं लेती हैं।
बेटी अपनी माँ से अपनी इच्छा बताती है और
फिर माँ पिता को बताती है कि बेटी क्या करना चाहती है फिर सही -
गलत की मोहर लगती है, permission मिली तो सही और अगर नहीं
मिली तो बेटी को अपने "क्यूँ नहीं " का जवाब नहीं मिलता।
"21st CENTURY / 21वीं सदी "
"ROLE OF FATHER :: पिता की भूमिका"
हर पिता अपनी बेटी से बहुत प्यार करता है और हमेशा यही
चाहता है कि उसकी बेटी सुख से रहे,उसे कोई कमी न महसूस हो
अपने -अपने सामर्थ्य के अनुसार हर पिता बेटी की उचित देखभाल
करता रहा है।
"अब देखभाल के नज़रिये में फ़र्क लाइये।"
बदलती परिस्थितयों और कड़े संघर्षों को देखते हुए
अपनी बेटी के साथ "MENTOR" यानि "गुरु "की भूमिका निभाइये।
अब वक़्त बहुत challenging or demanding है इसलिये अपनी
बेटी को बचपन से ही होशियार बनाइये , हर skill सिखाई जाए।
बेटी जब बड़ी होती है तो अक्सर
parents / माता -पिता उसकी शादी / marriage के लिये लाखों का
ख़र्च कर देते हैं लेकिन जब बेटी की high - education यानि उच्च -
शिक्षा की बात होती है तो अक्सर लोग मना कर देते हैं। आजकल यह
कहा जाने लगा है कि "इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि विवाह
सफल होगा परन्तु इस बात की पूरी गारंटी है कि शिक्षा से जीवन
सफल होगा ही होगा।"
एक पिता होने के नाते अगर आप समझदारी से बेटी का साथ देते हैं तो यकीन मानिये "पिता -पुत्री का यह सम्बन्ध बहुत खूबसूरत, विश्वास और प्यार से भरा होगा।"
"21ST CENTURY / 21 वीं सदी "
"ROLE OF DAUGHTER :: बेटी की भूमिका "
जीवन में किसी भी बेटी को अपने माता -पिता का
प्यार -दुलार , उचित देखभाल और जीवन के संघर्षों में अगर उनका
साथ मिल जाए तो खुद पर नाज़ करना चाहिये।
"अब जीवन जीने के नज़रिये में फ़र्क लाइये "
बेटी को भी अपने जीवन के challenges, संघर्षों
को समझना चाहिये। 21st century में आप एक उच्च - कोटि के
technology / तकनीकी युग में जी रहीं हैं , जहाँ आप हर नॉलेज से
ख़ुद को update रख कर अपने आप को उच्च मुकाम पर पहुंचा
सकतीं हैं।
अगर आपको आपके पिता अपना पूरा सहयोग देते हैं तो
उनका पूरा सहयोग लें और स्कूल से लेकर कॉलेज की शिक्षा कोअच्छे
अंकों से पास करें। education के साथ ही साथ हो सके तो कोई ना
कोई technical / तकनीकी ज्ञान /knowledge भी जरूर लें जिससे
आपको नौकरी मिलने में आसानी हो और आप उच्च स्थान हासिल
करके अपना और अपने माता - पिता का मान बढ़ाये।
पिता को बेटी अगर कोई उपहार देना चाहती है तो वह
यही हो सकता है कि आप समाज में अपना एक सफल जीवन , उच्च
मुकाम बनाये। अपने पिता के साथ बेटी की इससे जायदा खूबसूरत
bonding / सम्बन्ध और कुछ नहीं हो सकता।
😊🙏😊
Very very beautiful ❤️
ReplyDeleteThese words are not just words. These are petals of roses. As pure as the whites of pearls. ❤️
ReplyDeleteAwesome..
ReplyDeleteSuperb
ReplyDelete