HELPFUL NATURE : BLESSING OR CURSE
मददगार स्वभाव : आशीर्वाद या अभिशाप
कहते हैं अगर ज़िन्दगी में कुछ करना है या सफलता का स्वाद चखना है तो इंसान को अपने भविष्य को ध्यान में रखकर अपने स्वभाव /बेहेवियर को उम्दा बनाना चाहिए जिससे लोग उसके साथ जुड़ सकें और यह संभव हो सके कि आप अपने जीवन में नित नई उचाइयां हासिल करके अपने जीवन को कामयाब बनाए।
इंसान सामाजिक प्राणी है , यह अपने आप में ही यह दर्शाता है कि कोई भी व्यक्ति बिना समाज के अधूरा है , आपस में एक - दूसरे की मदद करना , आपस में एक - दूसरे को सहयोग देना और मददगार व्यवहार के कारण अपनी और दूसरों की भी उन्नति करना , समाज में मनुष्य को श्रेष्ठ दर्जा दिलाते हैं।
"भरोसा और आशीर्वाद
कभी दिखाई नहीं देते
लेकिन
असंभव को संभव
बना देते हैं।"
कई बार देखा गया है कि कुछ लोग दिल से दूसरे लोगों की मदद करते हैं। सेवा - भाव भी देखा गया है। निश्छल दूसरों को आगे बढ़ाने की ललक भी कुछ लोगों में होती है।
दूसरी तरफ कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जिनको लगता है कि इनका फ़ायदा उठाया जा सकता है।
ऐसे लोगों के लिये बड़ी मज़ेदार पंक्तियाँ हैं दोस्तों :-
"जो लोग पहले गन्ने जैसे मीठे होते हैं
वही लोग मतलब के बाद करेले जैसे
कड़वे हो जाते हैं।"
अब प्रश्न यह है कि इंसान का दूसरों के प्रति मददगार स्वभाव उसकी अपनी जिंदगी के लिये आशीर्वाद है या अभिशाप।
इसका सीधा सा जवाब है कि मददगार स्वभाव आशीर्वाद भी है और अभिशाप भी है।
"आशीर्वाद" इस तरह से कि आपने किसी के लिये कुछ किया , आपको भी ख़ुशी हुई और सामने वाले व्यक्ति को भी आपकी मदद से फायदा हुआ और उसने आपको दिल से दुआएँ दी , आपने भी अपने अंतर्मन में संतुष्टि और ख़ुशी को महसूस किया।
😊
"अभिशाप " इस तरह से कि आपने किसी जरूरतमंद इंसान की सहायता की और अपना पैसा , मन ,और भाग - दौड़ सब किया लेकिन वो आपको अपमानित और ढगा हुआ सा महसूस करा के चला गया। आपके मन में क्या भाव आयेंगे यही ना कि "काश मैं इसकी मदद ही ना करता। "
😠😕😓
"SMART / बुद्धिमान बने , CLEVER / चतुर बने।"
किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व में चार चाँद लग जाते हैं जब उसका शानदार स्वभाव लोगों के सामने आता है।
आप अपना स्वभाव बनाए रखें लेकिन बुद्धिमता और चतुराई भी।
Well said
ReplyDelete