Wednesday, July 2, 2025

GUSSE KO KAISE CONTROL KARAN {IN HINDI}

                             HOW TO CONTROL ANGER 

                 गुस्से को कैसे नियंत्रित करें ?

 

इंसान ही पृथ्वी पर ऐसा एकमात्र प्राणी है जिसे संज्ञा दी गई है " सामाजिक प्राणी " की। 

व्यक्ति जब भी समाज में दूसरे लोगों से मिलता - जुलता है तब उसके भीतर कुछ भावनायेँ भी उभरती हैं और इन भावनाओं में उसके भीतर समाहित नौ- रसों का बहाव होता है जो समाज में व्यक्ति की छवि को बनाता है। 

किसी भी व्यक्ति के स्वभाव से ही पता चलता है कि उसके व्यक्तित्व की क्या खूबियाँ हैं और क्या दोष। 

आज हम व्यक्ति की उस कमी की बात करेंगे जो समाज में उसके पतन का कारण बनती है वो कमी है " गुस्सा / ANGER "

           HOW TO CONTROL ANGER ?

               गुस्से को कैसे नियंत्रित करें? 

 

                             माचिस  

                  की तरह होता है गुस्सा 

            किसी दूसरे को जलाने से पहले 

                    खुद  को जलाता है।


कभी - कभी यह देखा भी गया है कि व्यक्ति पर गुस्से के बहुत नकारात्मक प्रभाव भी सामने आते हैं जो उसके व्यक्तित्व को धूमिल भी करते हैं और कभी - कभी यह भी देखा गया है कि जब तक इंसान किसी पर गुस्सा ना करें तो लोग उसको कुछ भी नही समझते। अगर ऐसा लगता है कि आपके गुस्सा होने पर परिणाम सकारात्मक आते हैं तब तो ये फिर भी थोड़ा - बहुत सही है लेकिन आपके गुस्से से सब आप से दूर होना शुरू कर दें तो आप को समय रहते ही अपने आप पर नियंत्रण करना शुरू कर देना चाहिए। 

गुस्से को CONTROL करना मुश्किल नहीं है अगर आप इस बात को समझ जाए कि लोग आपके हिसाब से नहीं चलेंगे बल्कि पहले आपको लोगों को उनके अनुसार समझना पड़ेगा। 

पहले आपको जब भी गुस्सा आए तो थोड़ी देर के लिये विचार करके देख लें कि आपको जिस बात से गुस्सा आ रहा है उसका परिणाम क्या होगा और उस बात का समाधान क्या हो सकता है। 

किसी भी व्यक्ति को अगर लगता है कि उसे बहुत गुस्सा आता है तो अपने व्यवहार को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश करें। 

गुस्से की आदत को दूर करने के लिये मानसिक रूप से मज़बूत बनें। 

MEDITATION / ध्यान करें। ध्यान करना चिंता ,भय  से और अवसाद से आपको बचाता है। 

सुबह जल्दी उठने की आदत व्यक्ति को प्रकृति से जोड़ती है। सुबह आप सैर MORNING WALK पर जाए जिससे मन के भीतर नई ऊर्जा / आनंद का संचार होगा जिससे आपके व्यवहार को भी सकारात्मकता मिलेगी। 

समय पर भोजन करें। 

अपने रोज़ के कामों को व्यवस्थित रखें। 

अगले दिन क्या करना है उसकी एक लिस्ट / LIST सोने से पहले बना लें। 

गुस्सा आने का कारण MANAGEMENT का सही ना होना भी हैं इसलिये सब काम समय से करें। समय - प्रबंधन ऐसी कला है जिसने समय की कद्र की उसकी दुनिया ने कद्र की। 

कहते हैं कि :-   दूसरों पर गुस्सा करना 

                           चोट के समान है 

                        खुद पर गुस्सा करना 

                  खुद को तराशने के समान है। 


जब भी गुस्सा आए तो थोड़ी देर उस जगह , परिस्थिति से दूर हो जाए , गहरी सांस लें। 

1 से 10 तक गिनती गिने , 100 तक भी गिन सकते हैं जब तक आपका तनाव दूर ना हो जाए। 

कोई ऐसा काम करने लगे जो आपको पसंद हो,  आपको सुकून देता हो। 

ईश्वर से नज़दीक रहने की कोशिश करें , मंदिर या जिस भी धर्म के आप हों वहां जरूर जाए क्यूंकि ये वो जगह होती है जहाँ सकारात्मक ऊर्जा बहती है,  शांति महसूस होती है, कुछ देर वहां बैठें और फिर शांत चित होकर अपने गुस्से कि वजह और समाधान पर गौर करें। 


                              क्यूँकि 

 

              बुद्धिमान लोग कभी बात बात  

                   पर क्रोधित नहीं होते 

                     और क्रोधित लोग 

               कभी बुद्धिमान नहीं होते।

                                😊

                  

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