ARE YOU BETTER THAN THE OTHERS ?
क्या आप दूसरों से बेहतर हैं ?
हर इन्सान अपने आपको बेहतर बनाना चाहता है या मानता है कि वो सबसे बेहतर है। आजकल आप अपनी SKILL OR KNOWLEDGE यानि कौशल और ज्ञान दोनों को बढ़ा कर निःसंदेह स्वयं को दूसरों से बेहतर बना सकते हो।
बेहतर से बेहतर कि तलाश करो ,
मिल जाए नदी तो समंदर की तलाश करो ,
टूट जाता है शीशा पत्थर की चोट से ,
टूट जाए पत्थर ऐसा शीशा तलाश करो।
कई बार हमें कुछ ऐसे लोग मिलते हैं जो काफी अक्लमंद होते हैं जिनको जीनियस यानि तेज़ दिमाग वाला कहा जाता है।
क्या फ़र्क होता है उनमें औरों से?
क्या यह उनके लिये ही कहा जाता है कि "क्या आप दूसरों से बेहतर हैं ?"
अब अगर आपके ज़ेहन यानि दिमाग में ये विचार आ रहा है कि "क्या आप दूसरों से बेहतर हैं ?" तो जरूरी है कि आप अपना स्वयं का आकलन निष्पक्ष होकर करें।
हम सब अपने आपको शिक्षित और बुद्धिमान मानते है और अपना आकलन भी इसी तरह से करते हैं और मान लेते हैं कि हम औरों से बेहतर हैं लेकिन जो औरों से बेहतर कहलाते हैं उनकी कुछ खास QUALITIES / गुण होतें हैं
1... एक बेहतर इंसान विनम्र होता है।
2... सबकी मदद करने में उसको कोई संकोच नहीं होता और ना ही उसकी EGO / अहँकार उसको दूसरों की मदद करने से रोकती है।
3... दूसरों से बेहतर बनना हो तो ज़िन्दगी में मेरे साथ क्या हो रहा है यह सोचने के बजाय "मैं क्या कर रहा हूँ" सोचिए।
4... इन्सान को परोपकार की भावना हमेशा बेहतर बनाती है।
5... किसी को अपनी SKILL / कौशल सिखाना बेहतर इन्सान के उच्च व्यक्तित्व को दिखाता है।
6... ऐसा व्यक्ति सादा जीवन , उच्च विचार वाले भी होते हैं।
7... कठिन विपरीत परिस्थितियों में भी अपने स्वार्थ को अलग रख कर दूसरों की मदद करना।
8... बेहतर व्यक्ति हमेशा एक कदम आगे की सोच रखता है उसके लिये परिवार, समाज़ और देश सबके लिये प्रेम और प्रगति की भावना होती है।
9... हर नई SKILL , नए IDEA को अपने जीवन में जगह देता है और
अपनी मेहनत से एक मुकाम बनाता है। हमेशा कुछ नया सीखने की ललक बेहतर बनने में उसका साथ देती है।
10... जो इंसान दूसरों से बेहतर होता है उसकी खास बात यही होती है कि वो सिर्फ़ खुद पर काम करता है , अपने अन्दर क्या कमी है उसको सही करता है , क्या - क्या बेहतर कर सकता है अपने और समाज के लिये , इस बात का ध्यान रखता है , समय कैसे निकाला जाए खुद को क़ामयाब बनाने के लिए इसका भी ध्यान रखता है।
एक दूसरों से बेहतर इन्सान कभी यह नहीं सोचता कि वो दूसरों से बेहतर है और ना ही कभी वो दूसरों से कम हूँ ऐसा सोचता है।
क्यूँकि
"शिक्षा नहीं बताती कि हमें क्या सोचना है , बल्कि यह सिखाती है कि कैसे सोचना है।
No comments:
Post a Comment