HELLO FRIENDS...HOW ARE YOU...नमस्कार
दोस्तों , जीवन में हम सब क्या चाहते हैं ? कभी न कभी ये question हम सबके दिमाग़ में आता है और लगभग शायद हमारा answer भी करीब करीब एक जैसा ही होता होगा।
"रोटी कपड़ा और मकान "
दोस्तों ,आप और हम सब दिन रात पूरी मेहनत करते हैं अपने घर और बच्चों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिये। आप भी जानते हैं कि यह कितना मुश्किल हो जाता है कभी -कभी लेकिन अपने घर में हर सुविधा हो इसके लिये आप कभी हार नहीं मानते।
आज समाज यानि society में अपनी अच्छी पहचान बनाना भी ज़रूरी हो गया है। अब society में अपनी image की परवाह भी लोग जायदा करने लगे हैं।
एक वक़्त था जब परिवार में पिता कमाते थे और लगभग उसी कमाई यानि earning में सारे ख़र्च पूरे कर लिये जाते थे। अब वैसा वक़्त नहीं रहा क्यूंकि society में सबके बीच अपने आपको ,अपने घर और बच्चों की education ,other expenditure सबको देखना पड़ता है और अगर income source यानि वेतन कम हो तब परिवार में कई problems होने लगती हैं। ऐसे में जहाँ पर माता -पिता भी अपने बच्चों के साथ रहते हैं वहां misunderstandingsभी होने लगती है। कई बार हमने देखा भी है कि parents को परिवार में अनदेखा किया जाता है ,उनकी सही देखभाल नहीं होती और parents की health भी सही नहीं रहती क्यूंकि उनकी उम्र भी अधिक हो जाती है।
कई बार parents को वृद्वाश्रम /home -shelter में भेज दिया जाता है। हमारा भारतीय समाज आज भी वृद्धाश्रम को गलत मानता है। साथ ही यह भी बहुत बड़ा कड़वा सच है कि परिवार में अपने ही माता -पिता दुखद हालात में बिना देखभाल के जीवन बिता रहे होते हैं। अब सवाल यह है कि वृद्वाश्रम में parents को रखना चाहिए या नहीं ?
"Why necessary old age homes ?"
Health Issue OR Irresponsibility
"ज़िंदगी में ऊपर वाले से
इतना ज़रूर माँग लेना कि
माँ के बिना कोई घर ना हो
और कोई माँ बेघर ना हो ...
दोस्तों ,कोशिश तो यही करें कि अपने parents की वैसे ही सही देखभाल करें जैसे उन्होंने आपकी की।
दोस्तों ,मैंने कई blogs लिखे लेकिन आज के इस ब्लॉग को लिखते -लिखते न जाने क्यूँ मेरी आँखें नम हो गई हैं और दिल भारी।
आज सही मायने में दोस्तों अहसास हुआ है इस बात का कि "दिल का हाल सुनना और सुनाना भी कभी -कभी बहुत तकलीफ़ देता है "
"क्या करें अगर parents को वृद्वाश्रम में रखना पड़े ?"
अगर ऐसे हालात हो ही जायँ कि parents को वृद्वाश्रम में रहना है तो पहली कोशिश ये करें कि वृद्वाश्रम घर के नज़दीक ही हो ताकि आप उनसे मिलते रहें , parents को भी थोड़ा सुकून रहे।
आप वृद्वाश्रम में उनको मिलने वाली सारी सुविधाओं को खुद जाकर देख कर आए क्यूँकि सभी home -shelters सारी सुविधा नहीं दे सकते।
कई बार किसी -किसी वृद्वाश्रम में paid service भी मिल जाती हैं।
private rooms available होते हैं ,आप अगर चाहते हो कि parents को सही देखभाल मिलती रहे तो आप उनको pay कर सकते हैं।
Health -Issues हो तो बहुत जरुरी है कि उनको समय पर regular check -up मिले। Home -Shelters staff भी old age patients का ख्याल रखते हैं।
वृद्वाश्रम में बुज़ुर्गों के लिए समय समय पर सांस्कृतिक आयोजन किये जाते हैं जिसमें भजन , festivals के समय उत्सव मनाये जाते हैं।
हमारे भारतीय समाज में कहा जाता हैं कि कोई भी इन्सान अमृत पी कर नहीं आया है, किसी ना किसी दिन तो उसको इस दुनियाँ को अलविदा कहना होगा इसलिये दोस्तों जितनी लाइफ मिली हैं उसे सही तरह से ,जागरूक होकर ,अपनों के प्यार और आशीर्वाद के साथ बितायें।
माँ...
जब जब कागज़ पर लिखा...
मैंने माँ का नाम
कलम अदब से बोल उठी ...
हो गए चारों धाम !😇
अगले ब्लॉग में फिर मिलेंगे दोस्तों
तब तक ...
apno ke sath, apno ke liyai
take care...
bye bye...👍
दोस्तों , जीवन में हम सब क्या चाहते हैं ? कभी न कभी ये question हम सबके दिमाग़ में आता है और लगभग शायद हमारा answer भी करीब करीब एक जैसा ही होता होगा।
"रोटी कपड़ा और मकान "
दोस्तों ,आप और हम सब दिन रात पूरी मेहनत करते हैं अपने घर और बच्चों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिये। आप भी जानते हैं कि यह कितना मुश्किल हो जाता है कभी -कभी लेकिन अपने घर में हर सुविधा हो इसके लिये आप कभी हार नहीं मानते।
आज समाज यानि society में अपनी अच्छी पहचान बनाना भी ज़रूरी हो गया है। अब society में अपनी image की परवाह भी लोग जायदा करने लगे हैं।
एक वक़्त था जब परिवार में पिता कमाते थे और लगभग उसी कमाई यानि earning में सारे ख़र्च पूरे कर लिये जाते थे। अब वैसा वक़्त नहीं रहा क्यूंकि society में सबके बीच अपने आपको ,अपने घर और बच्चों की education ,other expenditure सबको देखना पड़ता है और अगर income source यानि वेतन कम हो तब परिवार में कई problems होने लगती हैं। ऐसे में जहाँ पर माता -पिता भी अपने बच्चों के साथ रहते हैं वहां misunderstandingsभी होने लगती है। कई बार हमने देखा भी है कि parents को परिवार में अनदेखा किया जाता है ,उनकी सही देखभाल नहीं होती और parents की health भी सही नहीं रहती क्यूंकि उनकी उम्र भी अधिक हो जाती है।
कई बार parents को वृद्वाश्रम /home -shelter में भेज दिया जाता है। हमारा भारतीय समाज आज भी वृद्धाश्रम को गलत मानता है। साथ ही यह भी बहुत बड़ा कड़वा सच है कि परिवार में अपने ही माता -पिता दुखद हालात में बिना देखभाल के जीवन बिता रहे होते हैं। अब सवाल यह है कि वृद्वाश्रम में parents को रखना चाहिए या नहीं ?
"Why necessary old age homes ?"
Health Issue OR Irresponsibility
"ज़िंदगी में ऊपर वाले से
इतना ज़रूर माँग लेना कि
माँ के बिना कोई घर ना हो
और कोई माँ बेघर ना हो ...
दोस्तों ,कोशिश तो यही करें कि अपने parents की वैसे ही सही देखभाल करें जैसे उन्होंने आपकी की।
दोस्तों ,मैंने कई blogs लिखे लेकिन आज के इस ब्लॉग को लिखते -लिखते न जाने क्यूँ मेरी आँखें नम हो गई हैं और दिल भारी।
आज सही मायने में दोस्तों अहसास हुआ है इस बात का कि "दिल का हाल सुनना और सुनाना भी कभी -कभी बहुत तकलीफ़ देता है "
"क्या करें अगर parents को वृद्वाश्रम में रखना पड़े ?"
अगर ऐसे हालात हो ही जायँ कि parents को वृद्वाश्रम में रहना है तो पहली कोशिश ये करें कि वृद्वाश्रम घर के नज़दीक ही हो ताकि आप उनसे मिलते रहें , parents को भी थोड़ा सुकून रहे।
आप वृद्वाश्रम में उनको मिलने वाली सारी सुविधाओं को खुद जाकर देख कर आए क्यूँकि सभी home -shelters सारी सुविधा नहीं दे सकते।
कई बार किसी -किसी वृद्वाश्रम में paid service भी मिल जाती हैं।
private rooms available होते हैं ,आप अगर चाहते हो कि parents को सही देखभाल मिलती रहे तो आप उनको pay कर सकते हैं।
Health -Issues हो तो बहुत जरुरी है कि उनको समय पर regular check -up मिले। Home -Shelters staff भी old age patients का ख्याल रखते हैं।
वृद्वाश्रम में बुज़ुर्गों के लिए समय समय पर सांस्कृतिक आयोजन किये जाते हैं जिसमें भजन , festivals के समय उत्सव मनाये जाते हैं।
हमारे भारतीय समाज में कहा जाता हैं कि कोई भी इन्सान अमृत पी कर नहीं आया है, किसी ना किसी दिन तो उसको इस दुनियाँ को अलविदा कहना होगा इसलिये दोस्तों जितनी लाइफ मिली हैं उसे सही तरह से ,जागरूक होकर ,अपनों के प्यार और आशीर्वाद के साथ बितायें।
माँ...
जब जब कागज़ पर लिखा...
मैंने माँ का नाम
कलम अदब से बोल उठी ...
हो गए चारों धाम !😇
अगले ब्लॉग में फिर मिलेंगे दोस्तों
तब तक ...
apno ke sath, apno ke liyai
take care...
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