WHAT IS DISTRACTION
ध्यान भंग या विकर्षण
जब से इंसान ने सीखना शुरु किया तब से वो निरंतर
सीखता गया और अपने जीवन में भी सुधार करता
गया। बदलते वक्त के साथ - साथ मनुष्य की आदतें
और ज़रूरतें भी बदलती गई।
हर सदी में इन्सान अपनी प्रगति और नए अविष्कार
करके सन्तुष्ट होता रहा लेकिन फिर अगले पड़ाव पर
कुछ नया सीखने की ललक हमेशा इंसान में रही।
वो शायद इसलिये सम्भव हो सका कि कईअविष्कार
होते रहे और मनुष्य ज्ञानी बनता गया।
मनुष्य ने अलग - अलग क्षेत्रों में महारत हासिल कर
ली और असंभव को भी अपने प्रयास से संभव कर
दिखाया।
हर सदी अपने पर गर्व महसूस करता हुआ इंसान
यही सोचता था कि इसके आगे सब बेकार है पर
इंसान की बुद्धि और कुशलता हमेशा उसके खुद के
रिकॉर्ड तोड़ कर एक कदम हमेशा आगे ही रही।
कभी - कभी ऐसा भी दौर आता है कि इन्सान बहुत
कुछ पा लेने के बाद शून्य की ओर चल पड़ता है।
सबके साथ ऐसा नहीं होता लेकिन कुछ लोग भ्रमित
हो जाते हैं और उनको एक वक़्त के बाद अपनी life
में बहुत सी चीजों में distractions या ध्यान भंग होने
लगता है।
distractions / ध्यानभंग क्या है और क्यूँ होता है , यह
एक बहुत बड़ा और अहम सवाल बन चुका है।
एक वक़्त था जब इन्सान के जीवन में सीमित पैसा
और साधन थे। समय बदला , आविष्कार हुए ,
life - style बदली और इंसान आधुनिक युग में
आकर अब बहुत सारी चीजों को जब अपने आस-
पास देखता है तो कभी - कभी उचित निर्णय नहीं
कर पाता और उसका ध्यान भंग होने लगता है।
DISTRACTION / ध्यान भंग किसी का भी हो जाता
है चाहे कोई भी हो। बच्चों से लेकर युवा और बुज़ुर्ग
सब इसके शिकार हो सकते हैं।
DISTRACTION / ध्यान भंग भी कई तरह का होता
हैं इसमें सामाजिक , मानसिक और अन्य कई तरह
के issues / causes / कारण देखे गए हैं।
समाज़ में आज बहुत कुछ है , व्यापार में भी बहुत
opportunity हैं , education का field भी बहुत
व्यापक बन गया है और लाइफ-स्टाइल भी बिन्दास
बन चुकी है।
ऐसे में सही मार्गदर्शन ना मिलने से अक्सर बहुत से
लोग सही निर्णय नहीं ले पाते कि आख़िर वो चाहते
क्या हैं।
" YOU CAN'T DO
BIG THINGS IF
YOU'RE
DISTRACTED BY
SMALL THINGS. "
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